काम के बीच विराम (Breaks)
घर से काम (Home Office) या डेस्क जॉब में घंटों बैठे रहना बहुत आम है। हर एक घंटे के बाद कुर्सी से उठें, 2 मिनट के लिए कमरे में चलें या पानी ले आएं। यह छोटी सी आदत आपकी पीठ और शरीर की जकड़न को रोकती है।
सीढ़ियों का उपयोग
महानगरों की ऊंची इमारतों में लिफ्ट एक बड़ी सुविधा है। लेकिन अगर आप घुटनों की समस्या से मुक्त हैं, तो दिन में कम से कम एक बार चढ़ने या उतरने के लिए सीढ़ियों का चुनाव करें। यह एक प्राकृतिक व्यायाम है।
शाम की हल्की सैर
पूरे दिन के तनाव के बाद, रात का खाना खाने के बाद परिवार या दोस्तों के साथ 15-20 मिनट टहलना। यह भोजन पचाने में मदद करता है और दिमाग को सोने के लिए शांत करता है।
शहरी जीवन और सफर (Commute)
दिल्ली, मुंबई या पुणे जैसे शहरों में ट्रैफिक में बैठे रहना बहुत थकावट भरा होता है। बस या ऑटो से यात्रा करते समय, कोशिश करें कि अपने गंतव्य से एक स्टॉप पहले उतर जाएं और बाकी का रास्ता पैदल तय करें। मेट्रो स्टेशन के अंदर एस्केलेटर की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करना भी आपकी दैनिक गतिविधि में इजाफा करता है। बदलाव का मतलब जिम जाना नहीं है, बल्कि अपनी मौजूदा दिनचर्या में थोड़ा और चलना जोड़ना है।